Ballia

बलिया गान

बलि राजा के रजधानी, तपसी के तप आधार,अनोखा बलिया जिला हमार। दरदर के पावन धरती पर, भृगु जी धइले पाँव,कोटि चौरासी मुनिगन आ के, घुमलन गाँवे-गाँव,फलित ज्योतिष के निरनय भइले, भृगु संहिता आधार।अनोखा बलिया जिला हमार। व्यालिस के जनक्राँति के, Read more

Students

बड़ा अच्छा लगता है

ऑनलाइन class में video – माइक mute करके सो जाना, बड़ा अच्छा लगता है।कभी जागे हो और टीचर सवाल पूछे, answer Google करके बताना बड़ा अच्छा लगता है। 7*7*7*7=? calculator पर उँगलियाँ दौड़ा कर, झटपट बताना बड़ा अच्छा लगता है।देर Read more

Sunrise

काका भोरे-भोरे

काका भोरे-भोरे जात बाड़ कहवाँ,बतइतऽ संगे हम्हूँ चलितीं।। तहरो मोटरिया के, ले लिहिती माथ परहथवा उठाइ के, सम्हारि लिहिती कान्ह परजहाँ थकितऽ त गोड़वो दबइतीं,बतइतऽ संगे, हम्हूँ चलितीं।। जदि तुहूँ जात होखऽ ददरी के मेला,सरकस-मदारी वाला, होला ओजा खेला,हम्हूँ कीनि Read more

Sad Girl

सँवरिया ना बोले रे

सँवरिया ना बोले रे !करे हमसे दोयद बेवहार,सँवरिया ना बोले रे !ना बोले, ना बोले, ना बोले रे,सँवरिया ना बोले रे !अपने मन वाली, करे खाली बतिया,कइसे कराईं हम, अपनों सुरतिया,बाति सुने पर न बावे तइयार,सँवरिया ना बोले रे !रहिया Read more

Golden Temple

गुरु नानक जयंती

वैदिक काल से ही,गुरु परंपरा.भारतवर्ष में, चलती आई.शिखर तक, जिसको पहुंचाया,गुरु नानक देव, नाम कहलाया. साहसी वीरों को, किया संगठित.आतातायीओ से,भारतवर्ष को बचाया.तलवंडी पंजाब में,लिया जन्म.गुरु नानक देव, नाम कहलाया. “देव” ने सारे संसार में,प्रकाश फैलाया,हमने उनकी जयंती को,प्रकाश पर्व Read more

Evening

मंज़िल-ए-मक़सूद

हुई शाम यार अपने तमाम आये,कहीं से मय आयी कहीं से जाम आये उम्र गुजर गई एक खत की आरज़ू मेंना थी किस्मत कि तुम्हारा पयाम आये जब भी पूछे कोई मेरी मंज़िल-ए-मक़सूदहर बार जुबाँ पे अबस तेरा ही नाम Read more

Sea

सामूहिक रूप से गवाही

प्रकृति के शाश्वत क्रम मेंसमुद्र में ज्वार -भाटेआते रहते हैंयह क्रम जैसे ही व्यतिक्रम होता हैप्रकृति के साथ होती हैमनमानीनिश्चित तूफान उठ खड़ा होता हैलहरें हो जाती हैं सुनामीइसीलिए चाहे भूकंप हो याज्वालामुखीप्रकृति के नियमों के विरुद्ध जबभी कहीं खोट Read more

Lizard

मौकापरस्ती

रुख हवाओं का बदलता देखिएसूर्य पश्चिम से निकलता देखिए है धरा बहती यहाँ उल्टी सदासाँप का केंचुल उतरता देखिए © मोहन जी श्रीवास्तव “सत्यांश”

falling man

कोई तो संभाल लो

कठिन है ये सफरव्यथित है मनहूं अकेला चंचल है मन।कैसे समझाऊं खुद कोकैसे रिझाऊंएक वेदना भरी हैअंगार सा उठा है।कोई समझ ना पाएएक भूचाल सा उठा है।कश्मकश की लहर नेबेसुध बना दिया हैउधेड़बुन के जाल नेजंजाल बना दिया है।कोई तो Read more

statue of liberty

एकता दिवस

आओ हम सब मिलकर,एकता दिवस मनाए.अपनी भारत माता को,सुखी और समृद्ध बनाएं. लौह-पुरुष के जन्मदिन पर,आओ हम सब सौगंध,ये खाएं,जब तक है,हमारा जीवन,कोई इसके टुकड़े,न कर पाए. 565 रियासतों को जिसने,एक सूत्र में पिरोकर,यह भारत राष्ट्र बनाया,उस सरदार पटेल के Read more