नीयत का फल
नीयत का खेल है कुछ एस तरह निरालाअकसर चिराग तले ही होता है अंधेरा नीयत ही आपकी नीयती तय करती हैयाद रहे ऊपरवाला नीयत देखता है. नुमाइश नही नीयत रखो नेक, तो कभी झुकना नहीं पडेगाना किसी की नजरो में, या फिर किसी की कदमो में अपनी पेहेचान दौलत से Read more







