रिश्ते
रिश्तों की अहमियत जाने बगैररिश्तों में ज़हर घोल लेते हैं लोग बुनियादी मज़बूती समझने से पहलेबेवजह फ़ैसले कर लेते हैं लोग… जुड़ने से पहले ही टूटने वाले रिश्तेवाकई कमज़ोर धागों में पिरोये होते हैं … हाथों की लकीरों को परखने Read more
रिश्तों की अहमियत जाने बगैररिश्तों में ज़हर घोल लेते हैं लोग बुनियादी मज़बूती समझने से पहलेबेवजह फ़ैसले कर लेते हैं लोग… जुड़ने से पहले ही टूटने वाले रिश्तेवाकई कमज़ोर धागों में पिरोये होते हैं … हाथों की लकीरों को परखने Read more
ज़िंदगी को भरपूरजीने के लिएज़िंदादिल होकरजीना बहुत जरुरी है… ये और बात है किरोज़मर्रा जीने के लिएअनेकों सवालों के जवाबकई बार हासिल नहीं होते… गर्म रेत की तरहचटखता है दिल में गुबारबर्फ़ सी होती ज़िंदगी मेंधुँआ भी तो उठता है Read more
बेशकीमती बूँदों कोअब और न ज़ाया करो।चुपके चुपके राज़ ए दर्ददिल में न छुपाया करो… कौन जाने फिर से कबचलने लगे बसंती हवा।झूठ मूठ के वादों से अबदिल को न बहलाया करो… चाहत की परछाई धुंधली होतीदिल की फितरत होती Read more
रंग गुलालों के मौसम नेढ़ेरों खुशियाँ लायी है ।पतझड़ देते है संदेशेफागुन की ऋतु आयी है।।पेड़ों पर पत्तों के किसलयकोंपल बन कर आयी है।मनमोहक ऋतुराज यहाँ हैमादकता भी छायी हैआम्र के बौरों और महुआ कागंध यहाँ खींच लायी है।पतझड़…………….। फाल्गुन Read more
आँखों ही आँखों में मुलाक़ात हो जाती हैजुबाँ खुलती भी नहीं मगर बात हो जाती है. बैठे रहते हैं यूँ ही तेरा तसव्वुर किये हुएजाने कब दिन आता है कब रात हो जाती है ग़ैरमुमकिन है कहीं और शिक़स्त खा Read more
बलि राजा के रजधानी, तपसी के तप आधार,अनोखा बलिया जिला हमार। दरदर के पावन धरती पर, भृगु जी धइले पाँव,कोटि चौरासी मुनिगन आ के, घुमलन गाँवे-गाँव,फलित ज्योतिष के निरनय भइले, भृगु संहिता आधार।अनोखा बलिया जिला हमार। व्यालिस के जनक्राँति के, Read more
ऑनलाइन class में video – माइक mute करके सो जाना, बड़ा अच्छा लगता है।कभी जागे हो और टीचर सवाल पूछे, answer Google करके बताना बड़ा अच्छा लगता है। 7*7*7*7=? calculator पर उँगलियाँ दौड़ा कर, झटपट बताना बड़ा अच्छा लगता है।देर Read more
काका भोरे-भोरे जात बाड़ कहवाँ,बतइतऽ संगे हम्हूँ चलितीं।। तहरो मोटरिया के, ले लिहिती माथ परहथवा उठाइ के, सम्हारि लिहिती कान्ह परजहाँ थकितऽ त गोड़वो दबइतीं,बतइतऽ संगे, हम्हूँ चलितीं।। जदि तुहूँ जात होखऽ ददरी के मेला,सरकस-मदारी वाला, होला ओजा खेला,हम्हूँ कीनि Read more
सँवरिया ना बोले रे !करे हमसे दोयद बेवहार,सँवरिया ना बोले रे !ना बोले, ना बोले, ना बोले रे,सँवरिया ना बोले रे !अपने मन वाली, करे खाली बतिया,कइसे कराईं हम, अपनों सुरतिया,बाति सुने पर न बावे तइयार,सँवरिया ना बोले रे !रहिया Read more
वैदिक काल से ही,गुरु परंपरा.भारतवर्ष में, चलती आई.शिखर तक, जिसको पहुंचाया,गुरु नानक देव, नाम कहलाया. साहसी वीरों को, किया संगठित.आतातायीओ से,भारतवर्ष को बचाया.तलवंडी पंजाब में,लिया जन्म.गुरु नानक देव, नाम कहलाया. “देव” ने सारे संसार में,प्रकाश फैलाया,हमने उनकी जयंती को,प्रकाश पर्व Read more