puliya

पुलिया

यूं तो बेंच हैबैठने की वस्तुऔर पुल…इस पार से उस पारजाने औरआने की इमारतबावजूद इसकेबेंच…खुद पर बैठे लोगों कोउतना नहीं जोड़ पातींजितना किजोड़े रखती हैकिसी पतली नहर परबनी छोटी सी पुलिया वैसे हीजैसे डाइंग रूम मेंबैठें लोगों कोराजनीतिक बातेंउतना नहीं Read more

yashoda krishna

यशोदा – गोपी संवाद

यशोदा मैया कहती है….. उदय भयो रे, मोरो पुन भाग,कि मेरो घर, कान्हा जनम लियों. गोपी कहती है….. मोरो तो लागत है, मैया.आये है,जग मे खुशी के दिन चार,कि तेरो घर, कान्हा जनम लियों. यशोदा मैया कहती हैं….. मोरो तो Read more

girl holding album

माज़ी-परस्ती (Nostalgia)

कर ली बातें चाँद सितारों से,मिल आये ज़िगरी यारों से, कूदना पेड़ों से तालाबों में,पायलट बनना वो ख्वाबों में, जी आये वो बेखबरी भी, वो मस्ती भी,ख़ूब शग़ल है यारों ये माज़ी-परस्ती भी. © Sunil Chauhan

jamun

गांव

जब से भइल बा टिकटवा हो गांव के,याद आवता जमुनिआ के छाँव के. बाग़ बगइचा, खटिया मचिया, ताल तलइया बांगर दियरा,मॉल, फ्लैट, डनलप के गद्दा, कवनो ना एहनी के नियरा,लाली बिलाली, गुल्ली डान्टा, लट्टू, कबड्डी, चीकाटेनिस, गोल्फ, बिलियर्ड्स सब एकनी Read more

children playing

बचपन

किसी नदी/पोखरी के किनारेछोटी पुलिया/बरगद केचबूतरों पर बैठे बिनापकड़ पतंगों की डोरदौड़ लगाएं बिना यातितलियों के पीछे बिन भागें। सरसों के खेतों में,किसी मोती, झबरा,या शेरू के साथ बिनालुकाछिपी का खेल खेलें। या संझवत के शुरू होते ही,झींगुरों के मधुर Read more

sansar

आफ़ाक़ (संसार)

मिल जाये उनको जिनको आफ़ाक़ सारा चाहिए,तुम ही हो दुनिया मेरी बस साथ तुम्हारा चाहिए ग़र पक्का है एतमाद तो वो सुन ही लेगाबस तबीयत से उसका नाम पुकारा चाहिए © Sunil Chauhan

girl flying hand

इक बार कहो तुम मेरी हो

जब ग़म के बादल छाये होंदुखियारे दिन आये होंजब दुनिया ने मुख मोड़ लियासब अपनों ने नाता तोड़ लियाखुशियों ने आँखें फेरी होंइक बार कहो तुम मेरी हो छोड़ दी मैंने दुनिया सारीबस तेरे ख़ातिर ओ प्यारीकरते फ़रियाद सदसाल हुएउम्मीद Read more

traveller

मुसाफिर हूँ यारों

मुसाफ़िर हूँ यारों, मुझे चलते जाना है,चलना ही दीन मेरा, रस्ते को ख़ुदा माना है मुकाम हो मुकर्रर तो लुत्फ क्या डगर का,बेमज़ा सफर है, जब पता हो कहाँ जाना है आलिम नहीं मैं कोई, पर इतना, मैंने जाना है,चलना Read more

window

खिड़की

प्रत्येक भवनों, बसों, रेलगाड़ियों व हेलिकॉप्टरों में होती हैं खिड़की जिसके द्वारा, हम देख सकते हैं भविष्य को, सुंदर प्राकृतिक नजारों को। और फिर,बाड़ की भीषण विभिषिकाओं को देखने को भी तो चाहिए होती हैं एक खिड़की जिससे हम दौरों Read more