andhkaar

अंधकार

चीकन देहियाँ सीसा जइसन चमके चकाचकमनवाँ से कूड़ा करकट खर पतवार ना गइल घर संसार छोड़ि के चलि गइनी एकांत मेंमन से लेकिन कबहुँ गाँव बाज़ार ना गइल उखी बिखी लागल रहे जियरा रहे अशांतजबले अभिलाषा मनसा के भरमार ना Read more

mata durga

माता का दरबार

दो दूनी के चार में, माया के बाज़ार मेंदुनियावी प्यार में, रोज रोज तकरार मेंकष्ट,पीड़ा,संताप,वेदना, दुःख के कई प्रकार मेंपड़े हुए हैं आँख मूँद के क्षणभंगुर संसार मेंजागो प्यारे आँखें खोलो, देखो क्या है उस पार मेंचिंता शंका छोड़ के Read more

sukh dukh

सुख दुःख

जवन मिलल बा ऊ लीं, कुछ करे के नईखेबहे दीं समइया के धार, ओके धरे के नईखे मूवे के बटले बा सभका एक ना एक दिनलेकिन रोज रोज तनी तनी मरे के नईखे उनुकरे दीहल सुखवा में बड़ा मजा आवेलाउनुकरे Read more

freedom

मेरी भी एक मुमताज़ थी

बडी जद्दोज़हद के बादतुम्हारा पता मिलाठिकाने पर आने पर तुम नहींदरवाज़े पर बडा सा ताला मिला सोचा बचपन की शरारत की आदतअब तक तुम्हारी गई नहींघर पर रह कर कहलवाने की,कह दो घर पर मैं नहीं आस पास देखा तो Read more

rishta

रिश्ता

‘रिश्ता’ कहना, देखना, सुनना सब कुछ अच्छा लगता है। लेकिन क्या उतना ही अच्छा रिश्ते को समझना लगता है या निभाना भी लगता है ? सचमुच बहुत आसान होता है , किसी से जुड़ जाना लेकिन बहुत मुश्किल होता है, Read more

zakhm

ज़ख़्म

देते हैं ज़ख़्म हर दिन एक नये अंदाज़ में वोतासीर ए मोहब्बत निभाते नये अंदाज़ में वोगुलशन से तोड़कर पनाह तो दिया है गुल कोकांटे चुभाते हैं हर पंखुड़ी में नये अंदाज़ में वो… फ़िज़ा को ख़िज़ाँ में बदले नये Read more

jeevan ek safar

जीवन एक सफ़र है

जीवन एक सफ़र है …..और सफ़र पर जाना हम सभी को अच्छा लगता है, बस शर्त ये होती कि सफ़र सुहाना होना चाहिए। लेकिन ये तो जीवन है न…. सिर्फ अच्छा सफर कैसे रह सकता है? जब ईश्वर ने हमें Read more

chandrayaan-3

चन्द्रयान -3 भारत की विशेष उपलब्धि

चंदा मामा दूर केपुए पकाएं गूड़ केकाल्पनिक कथा बनकर रह गईहर दिशा में चर्चे हैं चांद पर चंद्रयान -3 के…. इसरो टीम की अथक परिश्रमअन्य वैज्ञानिकों की पूरी लगन रंगत लाईभारत को मिली है आज विश्व ख्यातिअसली कथन,चांद की हक़ीक़त Read more

दुहाई

मैं शक्तिशाली हूं,मेरे पास अधिकार है,कुचलने का हर किसी को,बर्बाद करने का,नेस्तोनाबूत करने का,गलतियां मै करूँगा,निर्बल भुगतेगा सजा. हे राम तुम्हारे राज्य में,यह कैसी आंधी आई है,त्राहिमाम कर उठा है निर्बल,बलशाली लहू पी रहा,अब इनको कौन छत्रिय धर्म समझाएगा. हे Read more

Mangal Pandey

मंगल पाण्डेय

(प्रथम आत्माहुति) खुली हवा में साँस लेने का सुखउस कबूतर से पूछोजो पिजड़े में कभी कैद न हो ।मुक्त गगन में दम्भ भरता हैउड़ने की कलाबाज़ी दिखाता हैनजदीक से इंद्रधनुष छूकरलौटने पर इतराता है ।पर कितना कठिन हैखुशी-खुशी सुहागिनों को Read more