nutan navvarsh

नूतन नववर्ष

अब न कहीं युद्ध होगान रहेगी अशान्ति।न कोरोना होगान ही किसी को रोना होगान होगी महामारीचहुँओर चहकेगी किलकारीन अपनो को खोना होगान ही किसी की आँख आँसुओं से भिगोना होगा ।जो गिरे हैवे पूर्ण मनोवेग से उठेंगेचाहें व्यक्ति हों या अर्थ ।कोशिशें अब नहीं होंगीव्यर्थ ।चाहे समर्थ हो या असमर्थ Read more

diary

बंद डायरी.. खुली किताब

मेरे दिल की किताबकुंठा के ताले सेबरसों बंद पड़ी थी… एहसासों के अल्फ़ाज़उमड़ घुमड़ कर,थोड़ी दबी ज़ुबाँ सेबहुत कुछ कहते… मगर कुछ समझ,कुछ नासमझी कीअलसाई सी चादर तले ,बस उफनकर रह जाते… एक दिन कुछ ढूँढ़ते हुएदराज से मिली एक डायरीजानी पहचानी सी खुश्बू लिएबिल्कुल कोरी सी… अनायास ही चेहरे Read more

love

निर्णय

बंद दरवाज़े के अंदरकमरा ख़ामोशी सेपनाह दे रहा थादो अजनबियों को…. ऑंखों में ख़्वाबों को समेटेउसकी मुस्कान बता रही हैहर हाल खुश रहेगी,इस अजनबी के साथ… सात फेरों का नहींकाग़ज़ी हस्ताक्षर काबंधन है दोनों का…. पुरुष का पुरुषार्थ ,स्त्री को पनाह तो दे दियामगर उसके गुरुर नेइस रिश्ते के नर्म Read more

person holding rock

सी० ए०अठ्ठारह / नौ

बाइस साल बाद मिली जीत परकहीं खुशी कहीं दिखावे का सदमालालच में बिना सोचे समझेफिर कर दिया मुकदमासामाजिक अपमान सेचढ़ गयी भौंलोगों के चढ़ाने पर दायर कर दियासी० ए० अठारह बटे नौ।आखिर! सत्य परेशान होता है पराजित नहींसत्य को परखने के लियेपरेशानी की ताबूत में विधि ने ठोक दी एक Read more

Sunrise

सात सौअठ्ठानवे/अट्ठासी

स्वाभिमान के आँगन मेंअन्याय के खिलाफएक मुकद्दमाअंकुरित हुआ ।जहाँ मरने के दस वर्ष बादमृतक को स्वर्ग से बुलाया गयाबकायदे रजिस्ट्री कराया गया।अंकुरण के पश्चातखाद -पानी के रुप मेंसारे ग्राह्य सबूत उसकी जड़ों में डाला गयाक्योंकि जड़ें खाती हैपूरा पेड़ लहलहाता है।सत्य का पथआलोकित करने के लियेताकि सत्य लहलहा उठेबोल पड़े Read more

day

शुभ दिन

अर्ध सत्य , अर्ध मिथ्या मेंजी रहे हैं हम… आधी – अधूरी ज़िंदगी केआधे – अधूरे लोग हैं हम… मान – अभिमान के द्वन्द्व युद्ध मेंकभी हारे कभी जीते हम… प्रासंगिक , अप्रासंगिक घटनाओं केएकमात्र उदाहरण हैं हम… आलिंगन में बँधकरआधे – आधे जी लेंगे हम… मृत्यु के आने पर Read more

आजादी का अमृत महोत्सव

आजादी का अमृत महोत्सव

कुछ दिनों से , जोर शोर सेदेश में लग रहा है ये नाराहर घर तिरंगा, घर घर तिरंगातिरंगा है जान से प्यारा….. आज़ाद वतन की आज़ादी मेंतिरंगा लहराये प्यारासबसे प्यारा, सबसे न्याराहिंदूस्तान हमारा…. परचम के तीन रंगों कीअलग मर्यादा , पहचान हैधर्म, कर्म और ओज से जुड़ीतिरंगे की कहानी है….. Read more

father

पिता

पिता ,सिर्फ शब्द नहींएक घनेरी छाँव है,वज़नदार एहसास है… पिता ,जिनकी उंगलियों सेमिला उंगलियों कोएक उष्मीय स्पर्शडगमगाते कदमों कोदी मज़बूती ,चलना सिखलाया… पिता ,आँखों से बहतेझर झर आँसुओं को रोके,दे होंठों कोमधुर मुस्कान… पिता ,बाहों में जिसकीहै फौलादी ताक़तढाल बनकर सिखाये,जीवन के हर मुठभेड़ से रक्षा… पिता ,जिन्होंने दियाअपना नाम, Read more

Sea

कुछ बातें ऐसी भी

ज़िंदगी को बेहतरीन बनाकरजीने की एक तमन्ना थीयादों के पिटारेों के संगगुफ़्तगू करने का इरादा था…. ख़ाका तजुर्बे का साथ था,मगर जीने की आदत र यूँहीपल पल बदलने लगीयही जीवन का फलसफ़ा था…. गणित के सारे गूढ़ रहस्यपल पल भारी पड़ने लगेजीवन के पन्ने शून्य रह गयेशायद आँकलन ही अधूरा Read more

couple

हम भी तुम भी

सिर्फ़ रात ही नहीं बीततीबीत जाता है दिन भीदीए का तेल ही नहीं जलताजल कम होती है बाती भी दु:ख होतें हैं ख़त्म तोसुख भी बीत जाता हैआते हैं सब जाने के लिएसमय चक्र यही बतलाता है मेजबां कोई नहींयहां मेहमां हैं सभीबीत जाता है सब कुछयहां धीरे-धीरे बीत जाएंगे Read more