Kavita / Shayari
पहचान
अपने ही अक्सर करते है, अपनोंका अपमान ।भुलादेके आगे बढना, ये रखो आपकी पहचान ॥ सुख दुख के समुंदर मे बहती है जीवन की नैय्या ।कश्ती वो डुबती नहीं, जिसे आशिर्वाद देनेवाली होती है मैय्या ॥ क्रोध, लोभ, मत्सर से मिलती है सिर्फ वेदना ।शांती, संयम, समझदारी हो तो सफल Read more…