चर्ख
इस दर्द भरे दिन की शाम नहीं है,इस आगाज़ का अंजाम नहीं है। ऐ चर्ख तूने लूट लिया सब कुछ मेरा,फिर भी तुझको इत्मीनान नहीं है. चैन-ओ-करार लूटा, अब जी चाहिए,क्या ज़रा भी दीन-ओ-ईमान नहीं है, कह दो दिल की Read more
इस दर्द भरे दिन की शाम नहीं है,इस आगाज़ का अंजाम नहीं है। ऐ चर्ख तूने लूट लिया सब कुछ मेरा,फिर भी तुझको इत्मीनान नहीं है. चैन-ओ-करार लूटा, अब जी चाहिए,क्या ज़रा भी दीन-ओ-ईमान नहीं है, कह दो दिल की Read more
बिस्मिल हुआ है दिल निगह की मार से,नोक दिख रही है तीर की जिग़र के पार से जब से मारा है उन्होंने तबस्सुम फेंक करतब से रहने लगे हैं हम कुछ बेक़रार से इस क़दर खाया है धोका तेरे अहद Read more
जब सिर्फ तुम्हे दुत्कार मिले,ऑफिस में बातें चार मिले,सब श्रेय सहकर्मी ले जाये,चपरासी भी घुड़की दे जायेज्यादा नहीं दो घूँट सहीतुम हया घोल कर पिया करोतुम लाफ्टर योगा किया करो जब यारों से इनकार मिलेबीवी से भी ना प्यार मिले,बच्चे Read more
जब से उनका दीदार हुआ है,फ़ना चैन-ओ-करार हुआ है। गुल ही गुल हैं ता-हद्द-ए-नज़र,हर तरफ गुले गुलज़ार हुआ है। कुछ नज़र नहीं आता उनके सिवा,ये अब कौन सा आज़ार हुआ है। जिस ख़त में मेरे असरार बन्द थे,वो आज रक़ीब Read more
पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय,ढाई आखर व्हाट्सएप के पढ़े सो पंडित होय। पंडित ऐसा घनघोर, ना सुने किसी की बात,ना माने यदि कोई, चलाये तुरतहि घूसे लात। © Sunil Chauhan
मराठी, बांग्ला, अंग्रेजी बोले निजा मज़बूरी में,हमनी के परान बसेला आपन ठेठ भोजपुरी में. हाथे सतुआ साने वाला, फंसल बा कांटा छुरी में,कुर्सी से बन्हाईल बानी, नीके खेलत रहनी धूरी में. सादगी में भी मजा रहे, दिमाग ना खटे फितूरी Read more
संघर्ष ही जीवन है,जीवन ही संघर्ष है. जीने के लिये,करना पड़ेगा संघर्ष,काँटों से बचना है तो,करना पड़ेगा संघर्ष.संघर्ष ही जीवन……. हक़ के लीये अपने,करना पड़ेगा संघर्ष,अकेले ही करना,पड़ेगा संघर्ष.संघर्ष ही जीवन……… अस्तित्व की करनी है रक्षा,तो करना पड़ेगा संघर्ष,सत्य की Read more
का बा,शहरन में का बा?गांवन में होरहा बा,कऊड़ा बा,गिरवछ बा,गोझा बा,लिटी आ,चोखा बा। शहरन में का बा?गांवन में बाग बा,बगइचा बा,ताल बा,तलइया बानहर आ,पोखरा बा। शहरन में का बा?गांवन में,खेत बा,खलिहान बा,मेढ़ आ,माचान बा। शहरन में का बा?गांवन में,प्यार बा,ठहराव Read more
हर कालेजों,बस स्टेशनों,बाज़ारों,और उनके घरों से,कार्यस्थलों के रास्तों मेंहर भीड़-भाड़ वाली जगहों,व प्रत्येक सुनसान सड़कों पर भीहोने चाहिए एक-एक अंडरपासताकि “कुछ” पुरूषों से मिले बिना ही,औरतें पहुंच सकें अपने गंतव्यों तकऔर ‘अनचाहे स्पर्शों’ को झेले बिनावें पहुंच जाएं,अपनी दहलीज़ में Read more
हर घर कीलाइफ-लाइन होतीं है औरतेंयह तुम मानों या न मानोंकोई फ़र्क नहीं पड़ता उनकोप्रूफ करना/करानाउनकी विषयवस्तु नहींपर यह जान लो तुमकि, सिलवटें चादर की होंया, जिंदगी कीदुरूस्त करती हैं वहींउनकेे ना रहने सेबंद हो जाती हैं बोलियांचाहें तुम्हारी हों,या Read more