मोबाइल के आने से, कई हो गए हैं पागलजीने का यही जरिया हो गया है आजकल। उंगलियाँ ही निभा रही हैं सभी रिश्तेजुबान को वक्त ही नहीं किसी के वास्ते। सब टच में बिजी हैं, Read more
काम हो जाने पर भूल जाना, ये दस्तूर है पुरानाफिर भी काम करते रहना, शायद मिलेगा कोई खजाना दो चीजे नहीं भूलती, चाहे कितना भी भुलाओएक होता है घाव , और दूसरा है लगाव जो Read more
नज़र अगर हो नेक, तो मिल जाता है साहिल, खुद में झाँको तो पता चलता है तुम ही हो सबसे क़ाबिल।। जो बात ज़ुबान न कह सकी, वो नज़रों ने कह डाली, ज़िंदगी में एक Read more
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R Jha · August 25, 2021 at 12:05 pm
मित्र बिना हैं सब रस फीके – बेहतरीन