मोबाइलनामा
मोबाइल के आने से, कई हो गए हैं पागलजीने का यही जरिया हो गया है आजकल। उंगलियाँ ही निभा रही हैं सभी रिश्तेजुबान को वक्त ही नहीं किसी के वास्ते। सब टच में बिजी हैं, मगर टच में कोई नहींक्या मतलब है इस जीने का, सोचो तो सही। उठते, बैठते, Read more






