फरामोश
काम हो जाने पर भूल जाना, ये दस्तूर है पुरानाफिर भी काम करते रहना, शायद मिलेगा कोई खजाना दो चीजे नहीं भूलती, चाहे कितना भी भुलाओएक होता है घाव , और दूसरा है लगाव जो भूलना चाहिए , वो रह जाता है यादशायद इसलीये तो हो जाते है विवाद तकलीफ Read more
काम हो जाने पर भूल जाना, ये दस्तूर है पुरानाफिर भी काम करते रहना, शायद मिलेगा कोई खजाना दो चीजे नहीं भूलती, चाहे कितना भी भुलाओएक होता है घाव , और दूसरा है लगाव जो भूलना चाहिए , वो रह जाता है यादशायद इसलीये तो हो जाते है विवाद तकलीफ Read more
नज़र अगर हो नेक, तो मिल जाता है साहिल, खुद में झाँको तो पता चलता है तुम ही हो सबसे क़ाबिल।। जो बात ज़ुबान न कह सकी, वो नज़रों ने कह डाली, ज़िंदगी में एक फूल के अक्सर होते हैं दो माली।। नज़र बदल के देखो, नज़ारे बदल जाएँगे, नज़रअंदाज़ Read more
अपने ही अक्सर करते है, अपनोंका अपमान ।भुलादेके आगे बढना, ये रखो आपकी पहचान ॥ सुख दुख के समुंदर मे बहती है जीवन की नैय्या ।कश्ती वो डुबती नहीं, जिसे आशिर्वाद देनेवाली होती है मैय्या ॥ क्रोध, लोभ, मत्सर से मिलती है सिर्फ वेदना ।शांती, संयम, समझदारी हो तो सफल Read more
ऑनलाइन class में video – माइक mute करके सो जाना, बड़ा अच्छा लगता है।कभी जागे हो और टीचर सवाल पूछे, answer Google करके बताना बड़ा अच्छा लगता है। 7*7*7*7=? calculator पर उँगलियाँ दौड़ा कर, झटपट बताना बड़ा अच्छा लगता है।देर रात तक video और gaming, ये Covid affected ज़माना भी Read more
रुख हवाओं का बदलता देखिएसूर्य पश्चिम से निकलता देखिए है धरा बहती यहाँ उल्टी सदासाँप का केंचुल उतरता देखिए © मोहन जी श्रीवास्तव “सत्यांश”
कठिन है ये सफरव्यथित है मनहूं अकेला चंचल है मन।कैसे समझाऊं खुद कोकैसे रिझाऊंएक वेदना भरी हैअंगार सा उठा है।कोई समझ ना पाएएक भूचाल सा उठा है।कश्मकश की लहर नेबेसुध बना दिया हैउधेड़बुन के जाल नेजंजाल बना दिया है।कोई तो रोक लोमैं मर ना जाऊइस बीच भंवर मेंफंस ना जाऊ।कोशिश Read more