मैं कौन हूँ
तुम्हारी बंदगी हीअब मेरी ज़िंदगी बन गई है… तुम्हारा नाम हीअब मेरा परिचय बन गया है… तुम्हारे संस्कार हीमेरे जीवन का अब मूल – मंत्र है… तुम्हारे वाक्यांश हीमेरे जीवन का अब वेद – वेदांत है… रीति – रिवाज़ से , धर्म – कर्म सेअब तुम्हारा स्थान मेरे जीवन मेंपरमेश्वर Read more









